How to plant and care for Roses || गुलाब कैसे लगाये और उसकी देखभाल कैसे
करे
अगर
आप फूलों के शौक़ीन हैं तो आपके घर या गार्डन में गुलाब का पौधा जरुर होगा. अपने
विभिन्न रंगों और आकार-प्रकार के चलते गुलाब हर किसी का मन मोह लेता है तभी तो गुलाब
को फूलों का राजा कहा गया है। यह फूल भारत के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में,
बागबगीचों, खेतों, पार्कों, सरकारी और निजी इमारतों और गमलों में भी उगाया जाता
है। दूसरे अन्य फूलों की तुलना में गुलाब का व्यावसायिक महत्व सबसे ज्यादा है।
गुलाब बहुवर्षीय पौधा है। इस पौधे को रोपते समय वातावरण का ठंडा होना जरूरी है।
गुलाब की किस्में
भारत
में उगाई जाने वाली गुलाब की परम्परागत किस्में हैं, जो देश के अलग अलग इलाकों में
तैयार की गयी है, जो अब अपने देश में बहुत लोकप्रिय है.
पौधा लगाने की जगह
पौधा
लगाने के लिए आपको किसी ऐसे स्थान का चुनाव करना होगा जहाँ दिनभर में कम से कम 6
घंटे धूप मिलें. ऐसी जगह चुनें जहाँ पर अन्य पेड़-पौधों की जड़ों या शाखाओं की
संख्या ज्यादा न हो और बरसात में पानी का जमाव ना होता हो.
गुलाब के प्रत्येक पौधों को लगाने के लिए 18 इंच चौड़ा और 18 इंच गहरा गड्ढा खोदे. बहुत
सटीक माप के गड्ढे की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन लगभग इतना गड्ढा जरुर होना
चाहिए.
गड्ढे
से निकली हुई मिट्टी में थोड़ा सा कम्पोस्ट मिलाएँ. यदि आप एक से अधिक पौधा लगाना
चाहते है तो उनके बीच में कुछ फीट का अंतर रखें ताकि उनकी जड़ों को बढ़ने और फैलने
के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे.
गुलाब का पौधा कैसे लगायें
कम
से कम आधा इंच मोटी गुलाब की ताज़ी कलम काट ले , जिसमे छोटे छोटे कल्ले निकले हों। उसे
लगाने से पहले 1
घंटा पानी में डालकर रखें।
गुलाब की कलम लगाने वाली मिट्टी में सूखा गोबर मिला लेना चाहिए और जिस गमले में लगाए उसकी तली में छोटा छेद कर देना चाहिए।
गुलाब की कलम का जो हिस्सा आप मिट्टी में लगाए उसे आधा इंच छील लें।
गुलाब की कलम को मिट्टी में 3 इंच तक दबा देना चाहिए।
मिट्टी में पानी डालने के बाद ही गुलाब की कलम लगाएं।
मिट्टी में कलम लगाने के बाद उसे झिल्ली से ढक दें और 2 दिन तक पानी ना डालें। पानी की मात्रा ज्यादा होने से इसकी जड़े सड़ने लगती हैं।
आपने जिस गमले में गुलाब की कलम लगायी है, उसे ज्यादातर छाया वाली जगह पर ही रखें।
आप गमले में थोड़ा सा कोयला पीस के डाल दीजिये, इससे कलम के ऊपरी हिस्से काले नहीं होंगे।
सूरज की रोशनी का गुलाब के पौधों पर गहरा असर होता है। इसे तेज धूप की जरूरत होती है, लेकिन ज्यादा प्रकाश की तीव्रता और कम तापमान में इसमें फूल नहीं आते।
गुलाब का पौधा लगाते वक्त कुछ
जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
मिट्टी
गुलाब
को बलुई, दोमट
मिट्टी, जिसमें
कार्बनिक पदार्थ की मात्रा भरपूर हो, की जरूरत होती है। चिकनी मिट्टी में गुलाब फलता
फूलता नहीं है। इसमें गोबर की खाद, फास्फोरस, पोटाश और दूसरे पोषक तत्व को मिलाकर
मिट्टी तैयार करनी चाहिए। मिट्टी में गोबर की खाद और अन्य उर्वरक मिलाने के बाद
भुर-भुरी होने पर क्यारी बनानी चाहिए और पौधे के लिए मिट्टी को नम रखना चाहिए।
लगाने का तरीका
वैसे तो गुलाब के फूलों को सुखाकर उनके बीज तैयार किए जाते हैं। लेकिन इसे गुलाब की कलम द्वारा भी लगाया जा सकता है। यह सबसे सरल और कम लागत वाली विधि है। इसके द्वारा पौधा लगाने वाले खुद पौधा बना सकते हैं और एक साल पुरानी गुलाब की कलमों का इस्तेमाल किया जाता है। कलम लगाने के बाद उनमें अच्छी तरह जड़ें और तना विकसित होने के बाद उन्हें दूसरे स्थान पर रोपित करना चाहिए।
सिंचाई-देखभाल
गुलाब
के पौधे के विकास के लिए अम्लीय मृदा काफी अच्छी होती. सफेद सिरके का इस्तेमाल आप
मिट्टी की अम्लीयता को बढ़ाने के लिए कर सकते है. एक चम्मच सिरका पानी में मिला कर
गोबर खाद के साथ प्रयोग करे.
चाय
की पत्ती भी गुलाब के लिए उपयोगी है. घर में चाय बनाने के बाद बची हुई चाय की
पत्ती को धोकर गुलाब के पौधे की मिट्टी में मिला देने से पौधा अच्छी वृद्धि करता
है.
जिस
तरह केला हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, उसी तरह केले का छिलका गुलाब के
पोधों के लिए खाद का काम करता है, इसमें पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा होती है.
केले के छिलकों को मिट्टी में कुछ नीचे दबा दीजिए. इससे पोधों की ग्रोथ अच्छी होगी
और फूल भी खुबसूरत आयेंगे.
अगर
आपके घर में एक्केरियम है तो सप्ताह में एक बार जब उसका पानी बदले तब उस पानी को
फेंकने की बजाय गुलाब के पौधों में डाल देने से पौधे और फूल अच्छे रहते है.
समय-समय पर इनमें आने वाली खरपतवार निकाल देनी चाहिए और मिट्टी की निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिए। गुलाब की डंडियों को सीधा रखने के लिए इन्हें सहारा देने के लिए लोहे के या प्लास्टिक के पाइप लगाने चाहिए।
कीट-पतंगों से बचाव
गुलाब के पौधों पर एफिड की प्रजातियों का हमला होता है। हरे रंग वाला एफिड इसे नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा लाल मकड़ी, रेड स्केल, रोजवेफर जैसे कीट इनकी पत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके लिए इनमें कीटनाशकों का इस्तेमाल करना चाहिए।
गुलाब की छंटाई
गुलाब
के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए उसकी छटाई करना अत्यंत आवश्यक है. गुलाब की छंटाई
करते रहने से वे सुन्दर और स्वस्थ बने रहते हैं. इसका उद्देश्य गुलाब के आस पास
ऐसी सफाई करना जिससे उसकी वृद्धि में कोई बाधा पैदा ना हो.
छंटाई
की योजना अलग अलग मौसम के अनुसार अलग अलग होती है परन्तु जो कट आप लगते हैं वह कली
के आँख के ठीक ऊपर जहाँ से शाखाएँ निकलती हैं, वहीँ तिरछा कट लगाएँ. वे छोटी छोटी
फूली हुई गोल होती है, जो आमतौर पर परिपक्क पत्तियों के एक सेट के ऊपर स्थित होती
है.
जब
आप छंटाई के लिए किसी कली के आँख का चुनाव करते हैं तो इस बात को धयान में रखें कि
आपके चुनाव से गुलाब के पौधे की आकृति पर विपरीत प्रभाव न पड़े.
जरुरी
बात ये है कि छंटाई का मुख्य उद्देश्य पौधे के आकृति को सुन्दर बनाए रखते हुए पौधे
से मृत टहनियों को अलग करना है. गुलाब के पौधे में जड़ के पास से कुछ शाखाएँ निकलती
हैं, जिन्हें चूषक भी कहते हैं और जो गुलाब के पौधे से पोषक तत्वों को चूस लेते
हैं, उन्हें काट कर निकाल दें. गुलाब के फूल झड़ने के बाद बचे हुए डंठल को हमेशा
कैची से काट कर अलग करते रहें.
सावधानियाँ
बरसात
के मौसम में गमलों और क्यारियों में बहुत देर तक पानी भरा न रहने दें. हर साल,
पौधों की छटाई कर, गमले के ऊपर की 2-3 इंच मिट्टी निकाल कर उस में उतनी ही गोबर की
सड़ी खाद भर दें.
हर
2-3 साल के बाद सम्पूर्ण पौधे को मिट्टी सहित नए गमले में ट्रांसफर कर दे. चाहें
तो गमले की मिट्टी बदल कर ताज़ा मिश्रण भरें. इस प्रकार गुलाब के पौधे की देखभाल से
आप गुलाब की सुन्दरता और महक का आनंद उठा सकेंगे.











1 टिप्पणियाँ
बहुत बढ़िया
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